दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार होगा बूथ एप का इस्तेमाल, होगी समय की बचत

 


दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार होगा बूथ एप का इस्तेमाल, होगी समय की बचत


दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी पोलिंग स्टेशनों पर पहली बार चुनाव आयोग बूथ एप का इस्तेमाल करने जा रहा है। एप से वोटर पर्ची में दर्ज क्यूआर कोड के स्कैन करने से संबंधित मतदाता की सारी जानकारी मिल जाएगी। 


 

इससे प्रक्रिया में काफी समय बचेगा। वहीं, रीयल टाइप वोटिंग का पैटर्न भी मालूम होता रहेगा। शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव आयोग ने दिल्ली चुनाव कार्यालय के अधिकारियों के साथ इस बारे में समीक्षा बैठक की।

चुनाव कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार सभी मतदान केंद्रों पर बूथ एप का इस्तेमाल होगा। इससे पहले झारखंड विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर इसका ट्रायल चल रहा है। 

इस एप से वोटरों को पोलिंग स्टेशन पर जाने से वहां लगी लंबी लाइन का भी पता चल जाएगा। इससे वह अपनी सहूलियत के हिसाब से पोलिंग स्टेशन पर वोट करने जा सकेंगे। इसके अलावा पोलिंग के दिन रीयल टाइम वोटर टर्न आउट की भी जानकारी मिलेगी।

समीक्षा बैठक में केंद्रीय चुनाव आयोग के वरिष्ठ उपचुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना समेत दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी रणबीर सिंह व दिल्ली पुलिस व जिला चुनाव अधिकारी मौजूद थे। इसमें दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई।

दिल्ली पुलिस व चुनाव अधिकारियों को आयोग के निर्देश
केंद्रीय चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखने का उचित इंतजाम करें। बार्डर एरिया में खास चौकसी रखनी है। आयोग ने कहा कि आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ीं शिकायतों का शीघ्रता से निपटारा करना है। चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में किसी वोटर का नाम नहीं छूटना चाहिए। इसके अलावा दिल्ली चुनाव कार्यालय को वोट प्रतिशत बढ़ाने के हरसंभव कदम उठाने होंगे।

इस तरह होगी प्रक्रिया
पोलिंग स्टेशन के बाहर बैठे बीएलओ बूथ एप से वोटर पर्ची को स्कैन कर मतदाता को प्रमाणित करेंगे। इसके बाद वे वोटर को टोकन देंगे। बूथ के अंदर पोलिंग पार्टी फिर से इसी एप के सहारे मतदाता को प्रमाणित करेगी। इसके बाद वोट देने की इजाजत मिलेगी। साथ ही इसकी जानकारी दिल्ली चुनाव कार्यालय के मोबाइल एप पर भी अपलोड होती रहेगी, ,जिससे रीयल टाइम वोटर टर्न आउट के साथ पोलिंग स्टेशनों पर वोटरों की संख्या का पता लग जाएगा।